सोमवार, 3 जनवरी 2011

नव वर्ष मंगलमय


यादों की रहगुज़र से ...

आप के दिल की डगर तक …

बिखरे पड़े हैं ख़्वाब

इन्हें प्यार से सहेज लीजिये आप.

पूरी हो इन ख़्वाबों की ताबीर,

निखर उठे ज़िन्दगी की तस्वीर

नव वर्ष मंगलमय

4 टिप्‍पणियां:

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

प्रिय अनवारुल हसन जी
नमस्कार !

बहुत प्यारा है आपका ब्लॉग और सारी सामग्री । आपकी पिछली कई पोस्ट्स भी देखी , बहुत पसंद आईं ।
~*~ आपको भी नव वर्ष 2011 की हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं !~*~
शस्वरं पर भी आपका हार्दिक स्वागत है , आइए…

- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं

शिवकुमार ( शिवा) ने कहा…

बहुत सुंदर

sumant ने कहा…

अत्यंत प्रभावी रचना

शालिनी कौशिक ने कहा…

aisee kamna poori ho ..

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