वक़्त की हर नज़ाकत को अगर शिद्दत से महसूस करते हैं आप, तो आप ही के लिए है ये ब्लॉग... बाहर निकालिए अपने मन की हर दबी सहमी आवाज़, कर दीजिये अपनी हर आरज़ू बेनक़ाब. क्योंकि ये हैं आप ही के जज़्बात ...
शनिवार, 31 दिसम्बर 2011
शनिवार, 11 जून 2011
दामन में वो ही दाग़ लगाएगा

शीशा है दिल तो टूट ही जायेगा एक दिन,
अपनी कहानी ख़ुद ही सुनाएगा एक दिन।
आंधी ये मुझे रोक ले उठता नहीं सवाल,
तूफां का इंतज़ार है आएगा एक दिन।
अब ऐतबार हमको नही दुश्मनों पे है,
दुश्मन भी दोस्त बन के सताएगा एक दिन।
किस से है मोहब्बत हमें हम कैसे बता दें,
दिल ख़ुद हमारा तुम को बताएगा एक दिन।
नादां समझ के हमने उसे माफ़ कर दिया,
लेकिन वो कह गया है बताएगा एक दिन,
बादल गरजने वाले भी बरसात करेंगे,
क्या ज़िन्दगी में ऐसा भी आएगा एक दिन।
ये बात मान लो के भलाई इसी में है,
कश्ती को नाख़ुदा ही डूबाएगा एक दिन।
देता हूँ तुमको आज मैं ईमान की दावत,
बिगड़ी तो बस खुदा ही बनाएगा एक दिन।
अपना समझ रहे हैं जिसे आज वो 'अनवार'
दामन में वो ही दाग़ लगाएगा एक दिन।
शनिवार, 12 मार्च 2011
तुम्हारा ख़त

तुम्हारा ख़त जो आज आया था,
उसने दिल को मेरे तड़पाया था।
याद फिर मुझको तेरी आई थी,
दर्द मीठा सा उभर आया था।
सोमवार, 3 जनवरी 2011
नव वर्ष मंगलमय
लेबल:
2011,
नव वर्ष मंगलमय

यादों की रहगुज़र से ...
आप के दिल की डगर तक …
बिखरे पड़े हैं ख़्वाब
इन्हें प्यार से सहेज लीजिये आप.
पूरी हो इन ख़्वाबों की ताबीर,
निखर उठे ज़िन्दगी की तस्वीर॥
नव वर्ष मंगलमय
मंगलवार, 30 नवम्बर 2010
प्यारी सी एक घरवाली

त्योहारों का मज़ा मिले जो साथ हो कोई दिलवाली,
उसके संग तो हो जाएगी हर दिन अपनी दीवाली.
तान के सीना साथ में उसके हम भी जाएँगे बाज़ार,
जल्दी से 'अनवार' दिला दो प्यारी सी एक घरवाली.
मंगलवार, 7 सितम्बर 2010
ईद मुबारक !

ख़ुदाया बना कोई ऐसा निज़ाम,
जहाँ सबकी ख़ुशियों का हो इंतज़ाम।
रहे गर न बाक़ी कोई बदनसीब,
तो हो जाए 'अनवार' अपनी भी ईद.
सोमवार, 2 अगस्त 2010
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